Sunday, 1 February 2015

पेट में दर्द होने पर

1.पेट में दर्द होने पर : आमाहल्दी और कालानमक को मिलाकर पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में आराम होता है।

2.उपदंश फिरंग) के रोग में : आमाहल्दी, राल और गुड़ 10-10 ग्राम, नीलाथोथा और गुग्गुल 6-6 ग्राम इन सबको मिलाकर पीस लें और बद पर बांधे इससे तुरन्त लाभ मिलता है।

वीर्य का नष्ट होना

1. मिर्गी (अपस्मार) होने पर : 14 से 28 मिलीलीटर ब्राह्मी की जड़ का रस या 3 से 6 ग्राम चूर्ण को दिन में 3 बार 100 से 250 मिलीलीटर दूध के साथ लेने से मिर्गी का रोग ठीक हो जाता है।
 
2. धातु क्षय (वीर्य का नष्ट होना) : 15 ब्राह्मी के पत्तों को दिन में 3 बार सेवन करने से वीर्य के रोग का नष्ट होना कम हो जाता है।

खुजली

1. चंदन के तेल को नींबू के रस में मिलाकर लेप करने से खुजली समाप्त हो जाती है।

2. दूध के अन्दर चंदन या नारियल का तेल और कपूर मिलाकर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।

कान का दर्द

1. चंदन का गुनगुना गर्म तेल कान में 2-3 बूंद डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

2. चंदन का तेल कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।

मुंह के छाले


1. फोड़ा-फुंसी :अलसी के बीज तथा उसके एक चौथाई मात्रा में सरसों को एक साथ लेकर पीस लें। फिर लेप बनाकर लगाएं। 2-3 बार के लेप से फोड़ा बैठ जाएगा या पककर फूट जाएगा।

2. मुंह के छाले : अलसी का तेल छालों पर दिन में 2-3 बार लगाने से छालों में आराम होगा।

दही से लाभ

1. गंजेपन का रोग:- दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसको सिर में लगाने से सिर की गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

2. अफारा (पेट में गैस का बनना):- दही की छाछ (दही का खट्टा पानी) को पीने से अफारा (पेट की गैस) में लाभ होता है।

सिर में दर्द

1. इलायची को पीसकर मस्तिष्क पर लेप करने से एवं बीजों को पीसकर सूंघने से सिर दर्द में राहत मिलती है।

2. पानी के साथ छोटी इलायची को पीसकर सिर पर लेप की तरह से लगाने से सिर दर्द खत्म हो जाता है।

3. छोटी इलायची को महीन पीसकर सूंघने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।

4. पानी के साथ लाल इलायची के छिलकों को घिसकर सिर पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।