Monday, 19 January 2015

माइग्रेन रोग का उपचार

माइग्रेन रोग का उपचार:-

1. इस रोग से पीड़ित रोगी का प्राकृतिक चिकित्सा से इलाज करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को रसाहार (चुकन्दर, ककड़ी, पत्तागोभी, गाजर का रस तथा नारियल पानी) आदि का सेवन भोजन में करना चाहिए और इसके साथ-साथ उपवास रखना चाहिए।

2. माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) से पीड़ित रोगी को अधिक मात्रा में फल, सलाद तथा अंकुरित भोजन करना चाहिए और इसके बाद सामान्य भोजन का सेवन करना चाहिए।

3. रोगी व्यक्ति को अपने भोजन में मेथी, बथुआ, अंजीर, आंवला, नींबू, अनार, अमरूद, सेब, संतरा तथा धनिया अधिक लेना चाहिए। माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) से पीड़ित रोगी को भोजन संबन्धित गलत आदतों जैसे- रात के समय में देर से भोजन करना तथा समय पर भोजन न करना आदि को छोड़ देना चाहिए।

4. रोगी व्यक्ति को मसालेदार भोजन का उपयोग नहीं करना चाहिए तथा इसके अलावा बासी, डिब्बाबंद तथा मिठाइयों आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

5. माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) रोग में रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ सुबह के समय में चाटना चाहिए तथा इसके अलावा दूब का रस भी सुबह के समय में चाट सकते हैं। जिसके फलस्वरूप माइग्रेन रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

6. माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) का इलाज करने के लिए पीपल के कोमल पत्तों का रस रोगी व्यक्ति को सुबह तथा शाम सेवन करने के लिए देने के फलस्वरूप माइग्रेन रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

7. माइग्रेन रोग का इलाज करने के लिए रोगी व्यक्ति के माथे पर पत्ता गोभी का पत्ता प्रतिदिन बांधना चाहिए, जिसके फलस्वरूप यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

8. प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा नाक से भाप देकर रोगी व्यक्ति के माइग्रेन रोग को ठीक किया जा सकता है। नाक से भाप लेने के लिए सबसे पहल एक छोटे से बर्तन में गर्म पानी लेना चाहिए। इसके बाद रोगी को उस बर्तन पर झुककर नाक से भाप लेना चाहिए। इस क्रिया को कुछ दिनों तक करने के फलस्वरूप माइग्रेन रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

9. माइग्रेन रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकर के स्नान भी हैं जिन्हे प्रतिदिन करने से रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है। ये स्नान इस प्रकार हैं-रीढ़स्नान, कुंजल, मेहनस्नान तथा गर्मपाद स्नान।

10. माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) रोग का इलाज करने के लिए प्रतिदिन ध्यान, शवासन, योगनिद्रा, प्राणायाम या फिर योगासन क्रिया करनी चाहिए। इसके फलस्वरूप यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

Tuesday, 13 January 2015

मोटापा कम करने के लिए घरेलु उपाय

मोटापा कम करने के लिए घरेलु उपाय

50 ग्राम मेथी, 20 ग्राम अजवाइन और १० ग्राम काला जीरा इन तीनो को हल्का सा भुन कर, पीस कर मिश्रण कर के चूर्ण बना ले |

रात्रि को खाना खाने के बाद सोते समय 1 चम्मच गर्म पानी के साथ लेवें। याद रखें इसे गर्म पानी के साथ ही लेना है। इस दवाई को रोज लेने से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी/ गंदा मैल मल मुत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है, तथा शरीर सुन्दर स्वरूपमान बन जाता है। मरीज को दवाई दो महीने तक लेनी है।

इस दवाई से आप को अनेक बीमारियो पे अंकुश लगेगा। कौन कौनसी बीमारियो पे काम आती है और क्या फायदा होता है देखते है।
इस दवाई को लेने से न केवल शरीर से अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्कि शरीर में रक्त का परिसंचरण तीव्र होता है। ह्नदय रोग से बचाव होता है तथा कोलेस्ट्रोल घटता है। पुराने कब्ज से होेने वाले रोग दूर होते है। पाचन शक्ति बढ़ती है। गठिया वादी हमेशा के लिए समाप्त होती है। दांत मजबूत बनते है। हड्डिया मजबूत होगी। आॅख का तेज बढ़ता है कानों से सम्बन्धित रोग व बहरापन दूर होता है।

शरीर में अनावश्यक कफ नहीं बनता है। कार्यों क्षमता बढ़ती है, शरीर स्फूर्तिवान बनता है। घोड़े के समान तीव्र चाल बनती है। चर्म रोग दूर होते है, शरीर की त्वचा की सलवटें दूर होती है, टमाटर जैसी लालिमा लिये शरीर क्रांति-ओज मय बनता है। स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा कदम आयु भी बढ़ती है, यौवन चिरकाल तक बना रहता है। पहले ली गई एलोपेथिक दवाईयां के साइड इफेक्ट को कम करती है। इस दवा को लेने से शुगर (डायबिटिज) नियंत्रित रहती है। बालों की वृद्धि तेजी से होती है। शरीर सुडौल, रोग मुक्त बनता है।

आयुर्वेदा जड़ी बूटी

नेत्रज्योति बढ़ाने के लिएः (आँखों के रोग‬)

नेत्रज्योति बढ़ाने के लिएः (आँखों के रोग‬)

रतौंधीअर्थात्‬ रात को न दिखना (Night Blindness)-
1. बेलपत्र का 20 से 50 मि.ली. रस पीने और 3 से 5 बूँद आँखों में आँजने से रतौंधी रोग में आराम होता है।

2.श्याम तुलसी के पत्तों का दो-दो बूँद रस 14 दिन तक आँखों में डालने से रतौंधी रोग में लाभ होता है। इस प्रयोग से आँखों का पीलापन भी मिटता है।

3. 1 से 2 ग्राम मिश्री तथा जीरे को 2 से 5 ग्राम गाय के घी के साथ खाने से एवं लेंडीपीपर को छाछ में घिसकर आँजने से रतौंधी में फायदा होता है।

4. जीरा,आँवला एवं कपास के पत्तों को समान मात्रा में लेकर पीसकर सिर पर 21 दिन तक पट्टी बाँधने से रतौंधी में लाभ होता है।

आँख में कचरा जा‬ ने पर
1. सौ ग्राम पानी में एक नींबू का रस डालकर आँखे धोने से कचरा निकल जाता है।
2. आँख में चूना जाने पर घी अथवा दही का तोर (पानी) आँजें।

आँखों का कालापन‬ (Under Eye Dark Circle)
आँखों के नीचे के काले हिस्से पर सरसों के तेल की मालिश करने से तथा सूखे आँवले एवं मिश्री का चूर्ण समान मात्रा में 1 से 5 ग्राम तक सुबह-शाम पानी के साथ लेने से आँखों के पास के काले दाग दूर होते हैं।

1. इन्द्रवरणा (बड़ी इन्द्रफला) के फल को काटकर अंदर से बीज निकाल दें। इन्द्रवरणा की फाँक को रात्रि में सोते समय लेटकर (उतान) ललाट पर बाँध दें। आँख में उसका पानी न जाये,यह सावधानी रखें। इस प्रयोग से नेत्रज्योति बढ़ती है।

2. त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भीगोकर,सुबह छानकर उस पानी से आँखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है।

3. जलनेति करने से नेत्रज्योति बढ़ती है। इससे आँख,नाक,कान के समस्त रोग मिट जाते हैं।

आँख दुखने पर‬
गर्मी की वजह से आँखें दुखती हो तो लौकी को कद्दूकस करके उसकी पट्टी बाँधने से लाभ होता है।

आँखों से पानी ब हने पर
1. आँखें बन्द करके बंद पलको पर नीम के पत्तों की लुगदी रखने से लाभ होता है। इससे आँखों का तेज भी बढ़ता है।

2. रोज जलनेति करें। 15 दिन तक केवल उबले हुए मूँग ही खायें। त्रिफला गुगल की 3-3 गोली दिन में तीन बार चबा-चबाकर खायें तथा रात्रि को सोते समय त्रिफला की तीन गोली गर्म पानी के साथ सेवन करें। बोरिक पावडर के पानी से आँखें धोयें इससे लाभ होता है।

मोतियाबिंद‬(Cataract)एवं झामर1. पलाश (टेसू) का अर्क आँखों में डालने से नये मोतियाबिंद में लाभ होता है। इससे झामर में भी लाभ होता है।

2. गुलाबजल में विषखपरा (पुनर्नवा) घिसकर आँजने से झामर में लाभ होता है।

Friday, 9 January 2015

सफेद बालों को काला करने के घरेलू नुस्खे

सफेद बालों को काला करने के घरेलू नुस्खे
वर्तमान समय में भाग दौड़ भरी जिंदगी में, बालों की ठीक से देखभाल न हो पाने और प्रदूषण के कारणहमारे बाल असमय ही सफेद हो जाते है।हालांकि बाल तनाव, प्रदूषण कोई बीमारी या‍ फिर अनुवांशिकता के कारण से भी सफेद हो सकते हैं।बालों को कलर करना इस समस्या का कोई उपचार नहीं हैं। लेकिन आप कुछ घरेलू उपचार आजमा अपने बालों को सफेद होने से अवश्य ही रोक सकते हैं। आइए हम कुछ ऐसे ही आसान घरेलू उपचार बता रहे है जिन्हे आजमा कर आप अपने सफेद बालों को पुन: काला बना पाएंगे।

*कुछ दिनों तक, नहाने से 1/2 घंटा पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। इससे बाल काले होने लगेंगे।


*सप्ताह में कम से कम 3 दिन दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। इससे बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ भी नहीं होगी और बाल काले भी होने लगेंगे ।


*भृंगराज और अश्वगंधा की जड़ें बालों के लिए वरदान मानी जाती हैं। इनका पेस्ट नारियल के तेल के साथ बालों की जड़ों में लगाएं और 1 घंटे बाद गुनगुने पानी से अच्छीं तरह से बाल धो लें। इससे भी बाल काले होते है।


*नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर उसे सिर पर लगाने से भी सफेद बाल काले हो जाते हैं।


*प्रतिदिन शुद्ध घी से सिर की मालिश करके भी सफेद बालों को काला किया जा सकता है ।


*अदरक को कद्दूकस कर शहद के रस में मिला लें। इसे बालों पर कम से कम सप्ताह में दो बार नियमित रूप से लगाएं। बालों का सफ़ेद होना कम हो जाएगा।


*दही के साथ टमाटर को पीस लें। उसमें थोड़ा-सा नींबू रस और नीलगिरी का तेल मिलाएं। इससे सिर की मालिश सप्ताह में दो बार करें। बाल लंबी उम्र तक काले और घने बने रहेंगे।


*1/2 कप नारियल तेल या जैतून के तेल को हल्का गर्म करें। इसमें 4 ग्राम कर्पूर मिला कर इस तेल से मालिश करें। इसकी मालिश सप्ताह में एक बार जरूर करनी चाहिए। कुछ ही समय में रूसी खत्म हो जाएगी, बाल भी काले रहेंगे।


*आंवले के पाउडर में नींबू का रस मिलाकर उसे नियमित रूप से लगाएं । शैंपू के बाद आंवला पाउडर पानी में घोलकर लगाने से भी बालों की कंडीशनिंग होती है, और बाल भी काले होते है । आंवला किसी ना किसी रुप मे सेवन भी अवश्य करते रहे ।


*जाड़े में तिल अधिक से अधिक खाएं। तिल का तेल भी बालों को काला करने में मदद करता है।


*आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से फिर से काले होने लगेंगे।


*एक कटोरी मेहंदी पाउडर लें, इसमें दो बड़े चम्मच चाय का पानी, दो चम्मच आंवला पावडर, एक चम्मच नीबू का रस, दो चम्मच दही, शिकाकाई व रीठा पावडर, एक अंडा (अगर आप लेना चाहे तो ), आधा चम्मच नारियल तेल व थोड़ा-सा कत्था। यह सब चीजें लोहे की कड़ाही में डालकर पेस्ट बनाकर रात को भिगो दें। इसे सुबह बालों में लगाए।फिर दो घंटे बाद धो लें। इससे बाल बिना किसी नुकसान के काले हों जाएँगे। ऐसा माह में कम से कम एक बार अवश्य ही करें.

Thursday, 8 January 2015

औषधियों के द्वारा हस्तमैथुन का इलाज

हस्तमैथुन (Masturbation)

अपने हाथ से लिंग को तेजी के साथ गति देकर वीर्य को निकाल देना ही हस्तमैथुन कहलाता है। हस्तमैथुन को दूसरी भाषा में आत्ममैथुन भी कहते हैं। किशोर अवस्था में अधिकांश युवक हस्तमैथुन की क्रिया को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। कई पुरुष अपने मित्रों को हस्तमैथुन करते देखकर खुद भी यह कार्य करने लगते हैं। हस्तमैथुन को बढ़ावा देने वाली वह किताबें भी होती है जो सेक्स क्रिया को जगाती है। हस्तमैथुन वे किशोर व जवान व्यक्ति करते हैं जो आवारा किस्म के, अपनी जिंदगी के बारे में न सोचने वाले तथा अपनी पढ़ाई के बारे में बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं।

लक्षण-
इस रोग के अंदर पढ़ने में मन न लगना, खाने-पीने का मन न करना, कोई भी कार्य करने का दिल न करना तथा सदा ऐसा मन करना कि किसी भी काम को करने पर असफलता ही हाथ लगेगी, इस तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

जानकारी-
कई मनोचिकित्सकों का मानना है कि अगर ज्यादा समय तक हस्तमैथुन न किया जाए तो वह हानिकारक नहीं होता है। अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करने से शरीर के अंदर कई प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं जैसे- चेहरे की चमक समाप्त हो जाना, आंखों के नीचे काले गड्डे पड़ जाना, शरीर के विकास का रुक जाना, कमर के अंदर हमेशा दर्द बने रहना, शरीर की कमजोरी, कुछ भी खाने-पीने का मन न करना तथा किसी भी कार्य को करने में जी न लगना आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं। कभी-कभी तो हस्तमैथुन करने के कारण बेचैनी, गुस्सा, मानसिक उत्तेजना तथा मन में हीन भावना बढ़ने लगती है।

सावधानी-
इस तरह के कोई रोग हो तो उनको समाप्त करने के लिए सप्ताह के अंदर एक या दो बार सेक्स क्रिया जरुरी होता है। अगर सेक्स क्रिया करने का कोई साधन ना हो तो शरीर तथा मन के अंदर उठी हुई कामवासना को समाप्त करने के लिए सप्ताह में एक या दो बार हस्तमैथुन कर सकते हैं।

औषधियों के द्वारा हस्तमैथुन का इलाज
500 ग्राम प्याज के रस को 250 ग्राम शुद्ध शहद में मिला लें। इसके बाद इसे धीमी आग पर गर्म करने के लिए रख दें। इसे तब तक पकाते रहे जब तक प्याज का रस जल जाए और केवल शहद बच जाए। शुद्ध शहद के बच जाने पर इसके अंदर 250 ग्राम मूसली का चूर्ण मिलाकर इसको अच्छी तरह से घोंटकर एक साफ की हुई कांच की शीशी में भर लें। इसके बाद इस चूर्ण को सुबह और शाम के समय में हस्तमैथुन के रोगी को खिलाने से हस्तमैथुन जैसे सभी रोग समाप्त हो जाएगें और उसके अंदर एक नयी प्रकार की स्फूर्ति और शरीर के अंदर सेक्स करने की ताकत में बढोतरी होगी।

बेल और पान की जड़ का चूर्ण बनाकर उसमें शहद को मिला लें। फिर इसकी बेर की गुठली के बराबर की गोलियां बनाकर रख लें। इस गोली को 2-2 की मात्रा में गाय के दूध के साथ सुबह और शाम के समय में रोजाना सेवन करने से हस्तमैथुन की वजह से पैदा हुए शीघ्रपतन का रोग समाप्त हो जाता है और संभोग करने की ताकत बहुत अधिक बढ़ जाती

Friday, 2 January 2015

खूबसूरती को सदा के लिए कैद कर लें

प्रकृति में इतने किसम के तत्‍व पाए जाते हैं, जो हमारी हर बीमारी को हर सकते हैं। आजकल बाजारों में कई तरह की दवाइयां और तरह-तरह के उत्‍पाद आने लगे हैं कि लोगों ने आयुर्वेद को बिल्‍कुल नकार दिया है। आयुर्वेद हमारी त्‍वचा के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है, यह न तो महगां होता है और न ही इसको इस्‍तमाल करने में कोई नुक्‍सान पहुंचता है। पहले जमाने की महिलाएं खुद को खूबसूरत बनाने के लिए आयुर्वेद का ही सहारा लेती थीं इसलिए हमने भी सोंचा कि क्‍यों न हम भी आपके लिए आयुर्वेद के कुछ ऐसे उपचार बताएं जिससे आप अपनी खूबसूरती को सदा के लिए कैद कर लें
 
1. झुर्रियों के लिए
अगर आपको चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाना है तो अंरडी यानी की कैस्‍टर ऑयल को अपने चेहरे पर लगाएं, इससे त्‍वचा बिल्‍कुल मुलायम हो जाएगी और झुर्रियां भी कम हो जाएगीं। 
 
2. साफ त्‍वचा
त्‍वचा पर अगर दाग-धब्‍बे हैं तो चेहरे को क्रीम वाले दूध से रुई को डुबो कर चेहरे और पोर्स को साफ करें। इससे चेहरा साफ तो होगा ही साथ में पोर्स भी खुलेगें। 
 
3. नेचुरल मॉस्‍चोराइजर
अगर आपकी त्‍वचा साधारण है तो खुद से ही नेचुरल मास्‍चोराइजर बनाइये। इसको बनाने के लिए एक कटोरे में 4 चम्‍मच दही और कुछ बूंदे नींबू और संतरे की मिला कर अपने चेहरे पर मास्‍क के रुप में प्रयोग करें। इसको लगाने के बाद 15 मिनट के अंदर इस मास्‍क को रुई के दा्रा साफ कर लें। 
 
4. स्‍‍किन कंडीशनर
इसको बनाने के लिए दो चम्‍मच क्रीम लें और उसमें शहद मिला लें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर पांच मिनट तक के लिए लगाएं और फिर गीले कपड़े या रुई से पोंछ लें। 
 
5. टोनर
अगर आप कच्‍चा आलू ले कर अपने चेहरे पर लगाएगीं तो यह आपकी त्‍वचा को टोन करेगा और पिंगमेंटेशन की समस्‍या को भी दूर करेगा। 
 
6. चेहरे पर बाल
इसको हटाने के लिए आपको एक पेस्‍ट बनाना पड़ेगा जिसमें तिल का तेल, हल्‍दी पाउडर और आंटे का सही मिश्रण मिला हो।

Thursday, 1 January 2015

अनचाहे बालों से छुटकारा

चेहरे पर बाल – विशेष रूप से ऊपरी होठों के बाल – बहुत शर्मनाक हो सकते हैं। प्रति दिन बहुत-सी महिलाएं अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए उस मायावी विधि की खोज करती हैं लेकिन वर्तमान में वह सभी तरीके दुष्प्रभाविक और दर्दनाक होते हैं। तो अगर आप उन कष्टप्रद बालों से छुटकारा पाना चाहते हैं – यह रहा एक प्राकृतिक और पीड़ारहित उपाय – कुप्पामेनि के पत्ते।

कुप्पामेनि पत्ते जो इंडियन नेट्ल के नाम से भी जाने जाते हैं, 

अनचाहे बालों से छुटकारा 

पाने के लिए एक शानदार उपाय हैं। इसकी पत्तियां कृमिनाशक, पीड़ा-नाशक, रोगाणुरोधी हैं और साथ ही इनमें घाव को भरने के गुण हैं। यह अवांछित बालों के लिए सबसे सही उपाय हैं और इनमें त्वचा में व्याप्त होने वाले गुण हैं जो बालों को पतला करके, उनके झड़ने का कारण बन जाते हैं। अंततः यह चेहरे पर बाल बढ़ने से रोकते हैं और ऊपरी होंठ को बाल-मुक्त कर देते हैं।


कुछ कुप्पामेनि की पत्तियों को धोकर पीस लें। एक चमच्च ताज़ी हल्दी (कस्तूरी मंजल) इसमें मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर उस जगह लगाएं जहाँ आप बालों से छुटकारा पाना चाहते हैं। कुछ घंटों के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। इसको लगाने का सबसे अच्छा वक्त रात को है। सोने से पहले लगाकर अगली सुबह धो लें।
याद रखें, इस उपाय का असर होने के लिए कुछ समय लगता है इसलिए इस मिश्रण को रोज़ाना लगाते रहें। यह पौधा आसानी से मिल जाता है और इसकी ज़्यादा देखभाल भी नहीं करनी पड़ती है। आजकल बहुत से हर्बल विक्रता हैं जो इस पौधे को आपके घर तक वितरित कर सकते हैं। अगर आपको ताज़े पत्ते नहीं मिलते तो, इसका पाउडर प्राकृतिक चिकित्सा भंडार में आसानी से मिल जाता है।
और  भी प्रयोग :
* साधारण शंख का चूरा २० ग्राम + बर्किया हरताल १० ग्राम + मैंसिल १० ग्राम इन तीनों को पानी में पीस कर लेप बना लीजिए और चमत्कार देखिए कि जिस अंग पर सात दिन लगातार नियमित कुछ घंटे लगा लिया तो उस स्थान पर जीवन भर बाल नहीं उगेंगे । 

* छोंकर (इसे शमी या श्योनाक भी कहते हैं यह बड़ा पेड़ होता है) के फलों को जो कि लम्बी फलियों के रूप में होते हैं  इन्हें बारीक पीस कर जिस जगह बाल नहीं चाहिये वहां एक बार हजामत करके लेप कर दें ; तीन दिनों में
आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी । 

* खुरासानी अजवायन और अफ़ीम दोनो आधा-आधा ग्राम लें और असली सिरके में घोंट कर लेप बना लें । इस के पांच-सात बार लेप कर लेने से भी जीवन भर बाल नहीं उगते हैं । अगर अफ़ीम मिलने में दिक्कत हो तो इसे न प्रयोग करें.

प्यूमिक स्टोन का उपयोग करें .... यह (एक तरह का पत्थर जो बाजार में आसानी से मिल जाता है) प्यूमिक स्टोन नहाने से पहले अनचाहे बालों पर रगड़ें। धीरे- धीरे अनचाहे बाल खत्म हो जाएंगे।

आयुर्वेदिक तरीका:--
इस नुस्खे को अपनाने से पहले एक बार बालों को जड़ से निकाल लें। उसके बाद तनाका पाउडर में थोड़ा कुसुमा तेल मिलाकर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट में थोड़ा हल्दी पाउडर भी डाल लें। जहां भी अनचाहे बाल हों वहां पेस्ट लगाकर सुखने दें। फिर थोड़ा कुसुमा तेल लगा लें। यह उपाय रात को करें। रातभर इस पेस्ट को लगा रहने दें। सुबह इसे धो लें। धीरे-धीरे बाल खत्म हो जाएंगे।
 (यहां बताई गई दोनों ही चीजें यानी कुसुमा तेल और तनाका पाउडर किसी भी आयुर्वेदिक दवा की दुकान पर आसानी से मिल जाएंगी)
 
शहद और नींबू का मिश्रण उपयोग करें:
शहद, नींबू और चीनी का मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण को गर्म करके हाथ व पैरों पर लगाएं। कॉटन की पट्टियों को इस मिश्रण पर चिपका कर निकालें। अनचाहे बाल हट जाएंगे।

इस तरह भी लगा सकते हैं:

चीनी और नींबू का रस मिलाकर लगाएं। इस मिश्रण को लगाकर धीरे-धीरे हेयर ग्रोथ की डायरेक्शन में मसाज करें। पंद्रह मिनट लगाकर रहने दें। फिर चेहरा धो लें। इस नुस्खे को नियमित रूप से अपनाएं। अनचाहे बाल खत्म हो जाएंगे।